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दाना देवी फाउंडेशन
"गो का दाना ... गो तक जाना"

दाना देवी फाउंडेशन  के माध्यम से 
1.  अभाव ग्रस्त गौ चिकित्सालय में गौ माता को चारा, बांटा ,दाना उपलब्ध करवाना।
2.  अभाव ग्रस्त  क्षेत्र में संचालित गौ चिकित्सालय में बीमार गौ माता के लिए पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाना।
3. गांव गांव जाकर वहां के गोचर मैं गौ माता हेतु घास की सुविधा करवाना।

परिचय:
 मध्यप्रदेश के सालरिया, आगर मालवा में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा संचालित कामधेनु गौ अभयारण्य में परम पूज्य सद्गुरुदेव भगवान के मुखारविंद से एक वर्षीय वेदलक्षणा गौ आराधना महामहोत्सव आयोजन  के  दौरान एक बैठक में गौमाता की सेवा को  किस प्रकार वैश्विक  विस्तार प्रदान किया जाए...इस विषय पर  विचार किया गया, तब मन में ऐसा भाव जाग्रत हुआ कि बीमार, दुर्घटनाग्रस्त, गौमाताओं की सेवा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।  कई बार ऐसा देखने में आया की चारे, दाने , बांटे के अभाव में बीमार एवं दुर्घटनाग्रस्त गौमाता कमजोरी  के कारण अधिक पीड़ा का अनुभव करती हैं।(लीला अनुभव)
 उचित आहार के अभाव में बीमार गौवंश की विधिवत सेवा नहीं हो पाती हैं, पोष्टिक आहार के अभाव के कारण तो गौमाताओं को निर्बलता के कारण अधिक कष्ट   होता है और कई बार इस कारण गौमाता गोलोक पधार जाती हैं।

इस बात को ध्यान में रखते हुए परम पूज्य गुरुदेव भगवान के निर्देशानुसार एवं उनके परम कृपा मयी  मार्गदर्शन में 
"दाना देवी फाउंडेशन" की नींव रखी गयी। 


दाना देवी फाउंडेशन (गो का दाना... गो तक जाना) के माध्यम से निम्न गौ सेवा के प्रकल्पों पर कार्य किया जाएगा।

दाना देवी फाउंडेशन के मुख्य उद्देश्य

1. निष्काम भाव से शासन, समाज, धर्मात्मा श्रेष्ठीजन, और समर्थ संस्थाओं के सहयोग से अभावग्रस्त क्षेत्रों में विशेष आवश्यकता होने पर गो-चिकित्सालय में गोमाता हेतु निःशुल्क पोषक तत्व उपलब्ध करवाना।

2. शासन, समाज, धर्मात्मा श्रेष्ठीजन, और समर्थ संस्थाओं के सहयोग से विशेष आवश्यकता होने पर चिकित्सालय में गोमाता हेतु निःशुल्क पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाना।

3. शासन, समाज, धर्मात्मा श्रेष्ठीजन, और समर्थ संस्थाओं के सहयोग से विशेष आवश्यकता होने पर चिकित्सालय में गोमाता हेतु निःशुल्क घास, चारा, पराली, कड़बी, भूसा, तूड़ा उपलब्ध करवाना।

4. शासन, समाज, धर्मात्मा श्रेष्ठीजन, और समर्थ संस्थाओं के सहयोग से गोचर भूमि विकास के कार्य करना।

5. शासन, समाज, धर्मात्मा श्रेष्ठीजन, और समर्थ संस्थाओं के सहयोग से चारा उत्पादन वाले स्थानों के आसपास चारा संग्रह केंद्र विकसित करना।


दानादेवी फाउंडेशन के अन्य सहायक उद्देश्यः-

1. धेनु धाम फाउंडेशन के माध्यम से संचालित ३१ वर्षीय गो पर्यावरण और अध्यात्म चेतना पदयात्रा द्वारा देशभर में हो रहे गो महिमा प्रचार कार्यों में सहयोग करवाना।

2. दवा देवी फाउंडेशन के माध्यम से अभाव ग्रस्त गो चिकित्सालय में निःशुल्क दवा वितरण करवाना और गो-चिकित्सालय हेतु गौ एंबुलेस उपलब्ध करवाने के लिए श्रीमंत संस्थाओं को प्रेरित करना। एम्बुलेंस हेतु विधायक और सांसद निधि का उपयोग करने के लिए विधायक, सांसद को प्रेरित करना।

3. शासन, समाज, धर्मात्मा श्रेष्ठीजन, और समर्थ संस्थाओं के सहयोग से विशेष अभाव ग्रस्त क्षेत्र में विशेष आवश्यकता होने पर दातादेवी फाउंडेशन माध्यम से विभिन्न स्थानों पर जहाँ चारा उत्पादन होता है या जहाँ से वितरण होना है, वहाँ वृहदाकार घास गोदाम का निर्माण करवाना और चारा परोसने के लिये खेल, गामान (नाँद) का निर्माण करवाना।

4. दृष्टि देवी फाउंडेशन और समाज के सहयोग से गो-सेवा हित जन जागरणहेतु धार्मिक, चिकित्सकीय साहित्य प्रकाशन और वितरण में सहयोग करना। घास चारा पौष्टिक आहार चोरी रोकने के लिए गो चिकित्सालय में कैमरे लगवाना।

5. शासन, समाज, धर्मात्मा श्रेष्ठीजन, और समर्थ संस्थाओं के सहयोग से विशेष आवश्यकता होने पर धेनु दर्शन फाउंडेशन के अनुमोदन पर गो संवर्धन केंद्र को पौष्टिक गो आहार उपलब्ध करवाना।

6. शासन, समाज, धर्मात्मा श्रेष्ठीजन, और समर्थ संस्थाओं के सहयोग से अभाव ग्रस्त क्षेत्र में विशेष आवश्यकता होने पर धेनु धारा फाउंडेशन के सहयोग से गो-चिकित्सालय में जल प्रबंधन से जुड़े कार्य करवाना।

7. ग्वाल शक्ति सेना (G.S.S) के माध्यम से गो चिकित्सालय के लिए शासन और समाज द्वारा भूमि आवंटन अथवा भूमि दान में आ रही समस्याओं का निराकरण करवाना।

8. धेनु देवी फाउंडेशन के माध्यम से गौ चिकित्सालय में उचित वेतन पर श्रद्धावान चिकित्सक एंव बीमार गौमाता की सेवा के लिए उचित वेतन पर प्रशिक्षित श्रद्धावान ग्वाल की व्यवस्था करवाना गो आधारित शैक्षिक कार्यों के संचालन एंव परंपरागत गो चिकित्सा पद्धति विकसित करने मे सहयोग करना।

9. धेनु धरती फाउंडेशन के बेल और पंचगव्य आधारित ऋषि कृषि के कार्यों को कथा के माध्यम से प्रचारित करना।

10. धेनु धन फाउंडेशन द्वारा संचालित ऋषि कृषि और पंचगव्य उत्पाद वितरण और विनियोग हेतु गो-चिकित्सालयों में विक्रय केंद्र स्थापित करवाना।