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दाता देवी फाउंडेशन

परिचय:
दाता देवी फाउंडेशन 
"
गो आराम, तभी विश्राम "

गावः प्रतिष्ठा भूतानां गावः स्वस्त्ययनं महत्।
गावो भूतं च भव्यं च गावः पुष्टिः सनातनी।।

गो मनुष्य के जीवन का अवलंब है, गो कल्याण का परम निधान है। पहले के लोगों का ऐश्वर्य गो पर अवलंबित था, आगे की उन्नति भी गो पर अवलंबित है। गो ही हर समय हर स्थान पर पुष्टि का साधन है। वैदिक सनातन संस्कृति में गो जाति का बहुत बड़ा सम्मान है। प्रतिदिन के धार्मिक, व्यवहारिक जीवन में गौमाता की अपेक्षा बनी ही रहती है। शास्त्रों में गौमाता के रोम-रोम में देवताओं का वास है, ऐसा वर्णन आता है। "सर्वे देवा गवा मंगे" गो के दर्शन व स्पर्श से रोग दोष पाप ताप की प्रशांति हो जाती है। जहाँ प्रसन्नता के साथ गौ माताएं भ्रमण करती हैं, श्वास लेती हैं, मूत्र, पुरीष (गोबर) उत्सर्जित करती हैं, वहाँ से विविध उपद्रव, दरिद्र दूर हो जाते हैं और सुख शांति तथा लक्ष्मी जी का शुभागमन हो जाता हैं।
अतः समूचित सेवा से भगवती गौमाताजी को प्रसन्न रखना मानव जाति का प्रधान कर्तव्य है। गौ-सेवा का ही एक प्रधान अंग है- ""गौ-चिकित्सा"" गो माता की चिकित्सा हमारे देश में मानव का उपचार तो सहजता से हो जाता है, वह अपनी पीड़ा अपना कष्ट बोलकर व्यक्त कर सकता है, मानव के लिए शासकीय और  निजी स्तर पर भी अनेक चिकित्सालय जगह-जगह निर्मित है, जहाँ सहजतापूर्वक मानव को उच्च स्तरीय चिकित्सा उपलब्ध हो जाती है, लेकिन हमारे देश में गौमाता की चिकित्सा हेतु गो चिकित्सालयों की संख्या बहुत ही कम है। इस कारण समय पर उचित उपचार नहीं मिलने से गौमाता समय पूर्व अपनी जीवन लीला पूर्ण करके गोलोक धाम पधार जाती हैं। सनातनी होने के नाते हमारा कर्तव्य बनता है कि हम गौमाता की महिमा को समझ कर गौ माता ने हमें जो सेवा का शुभ अवसर प्रदान किया हैं, उसका पूरा लाभ प्राप्त करें।


आईये... अब हम जाने  कि हमें किस प्रकार से गौमाता की गो चिकित्सालय रूपी सेवा का अवसर प्राप्त करना है।
हमारे परमपूज्य दाता भगवान स्वामी राम ज्ञान तीर्थ जी महाराज की मुक्ति दायी प्रेरणा श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के संस्थापक परम श्रद्धेय गो ऋषि स्वामी दत्त शरणानंद जी महाराज और अन्य सभी गो-सेवी पूज्य संतों के शुभ आशीर्वाद से....
परम पूज्य गुरुदेव ग्वाल संत गोपालाचार्य स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज के मार्गदर्शन में गो-सेवक श्रद्धेया साध्वी श्रद्धा गोपाल सरस्वती जी के नेतृत्व में दिनांक 13 दिसंबर 2024 को विश्व के प्रथम और सबसे बड़े गो अभयारण्य कामधेनु गो अभयारण्य, सालरिया में चल रहे एक वर्षीय गो आराधना महामहोत्सव के  गोमय मंच से
""दाता देवी फाउंडेशन (गो आराम,तभी विश्राम)""
नाम की संस्था का शुभारंभ हुआ । इस संस्था द्वारा देश विदेश के समस्त अभावग्रस्त क्षेत्रों में जहाँ पर गौमाता के लिए चिकित्सालय की उचित व्यवस्था नहीं है, वहाँ पर चिकित्सालय निर्माण कर गोमाता को उचित चिकित्सा प्रदान करना इस निम्मित दाता देवी फाउंडेशन ने कार्य प्रारंभ कर दिया है। कुछ जिलों से प्रारंभ यह कार्य आगे संपूर्ण भारतवर्ष और भारत से बाहर भी जहाँ वेदलक्षणा गोमाता के लिए चिकित्सालय की आवश्यकता होगी, निष्काम भाव से चिकित्सालय का निर्माण कर गवार्पण करने का भाव है। 
रुग्ण और दुर्घटनाग्रस्त गोमाता हेतु आश्रय और चिकित्सालय निर्माण का यह सेवा कार्य मुक्ति का  सर्वोत्तम साधन है।
 पुराणों में कहा गया है...


(अग्नि पुराण,२११-१८)
दत्वा कृत्वा गोगृहञ्च निष्पापः स्वर्गमाप्नु‌यात् ।।
→ गोशाला बनाकर दान देने वाला पाप रहित होकर स्वर्ग लोक को प्राप्त करता हैं.

इस सेवा कार्य से आने वाले समय में विश्व में कोई भी गौ माता चिकित्सा के अभाव में कष्ट नहीं पाए और अपनी दु:खमय लीला को पूर्ण करके समय से पूर्व गोलोक नहीं पधारें। 
पुराणों के अनुसार रोगी गौमाता की सेवा का बहुत महत्व हैं।


नरसिंह पुराण 33/28-29
2. तुल्यं गोशतदानस्य भयरोगादिपालनै।
-भय और रोग से गोमाता जी को बचाना या प्रयत्न करना सो (100) गोमाताओं के दान के समान हैं।
इसी भावना के अनुसार दाता देवी फाउंडेशन निष्काम भाव से गौ सेवा हेतु गो चिकित्सालय निर्माण का कार्य करेगा।

Detailed Information:-
पूरे भारतवर्ष में कई गोभक्त भगवती गौमाता के प्रति मातृत्व एवं देवत्व भाव रख कर गौमाता की सेवा में लगे हुए हैं। सामान्यतः पूरे देश में जगह-जगह पर गौशालाओं के माध्यम से गौमाता की सेवा का परम पुनीत कार्य हो रहा है, कई गोभक्त और गो सेवी संस्थाएं इस देव कार्य में लगी हुई है, लेकिन गौमाता के चिकित्सा के क्षेत्र में काम करने वालों की संख्या आज भी बहुत कम है। गो चिकित्सा कार्य है ही संघर्षपूर्ण क्योंकि गौमाता को रेस्क्यू करके उन्हें लाना, उनके लिए सुरक्षित स्थान की व्यवस्था करना, फिर निरंतर गौमाता के सानिध्य में रहकर के उनके उपचार की व्यवस्था करना, औषधि, ओढ़ाना, आहार, इन सबकी की भी विशेष व्यवस्था करनी होती हैं, इतना संघर्ष सब कोई करना नहीं चाहता। ऐसी प्रतिकूल स्थिति में सामान्यतया अधिकांश सामान्य आर्थिक स्थिति वाले गौभक्त ही चिकित्सा कार्य में लगे मिलते है और वह गोमाता हेतु एक उचित चिकित्सालय की आवश्यकता महसूस करते हैं, जिससे उनका गौ सेवा कार्य प्रभावित न हो लेकिन ऐसा हो नहीं पाता और वह सामान्य परिस्थितियों में सड़कों पर ही उपलब्ध व्यवस्थानुसार उपचार करते है यह सब देख कर परम पूज्य गुरुदेव भगवान गोपालाचार्य स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज के मन में यह भाव प्रकट हुआ, क्यों ना हम गौ भक्तों की इस व्यथा को मिटाने का प्रयास करें और एक ऐसा फाउंडेशन बनाएं, जिससे पूरे देशभर मे गो-चिकित्सालयों का निर्माण किया जाए, जिससे वह तनावमुक्त होकर गौमाता की चिकित्सा का कार्य उत्तम रीति से कर सके।
इसी विचार से जन्म लिया 
"दाता देवी फाउंडेशन
 गो आराम.. तभी विश्राम"

सभी गौ-सेवा कार्यों को सदृढ बनाने के लिए एवं गति प्रदान करने के लिए दाता देवी फाउंडेशन कार्यरत है! यह फाउंडेशन देश के कोने-कोने में चिकित्सालय बनाने की दिशा में कार्यरत है। इन्हीं भावों के साथ यह फाउंडेशन दिनांक 13 दिसंबर 2024 को प्रारंभ हुआ और आगे गौमाता के इस सेवा प्रकल्प में दाता देवी फाउंडेशन सदैव समर्पित भाव से कार्य करेगा।

दाता देवी फाउंडेशन के मुख्य उद्देश्य:- 

1. निष्काम भाव से शासन, समाज, धर्मात्मा श्रेष्ठीजन, और समर्थ संस्थाओं के सहयोग से अभावग्रस्त क्षेत्रों में विशेष आवश्यकता होने पर गो चिकित्सालय का निर्माण करवाना।


2. शासन, समाज, धर्मात्मा श्रेष्ठीजन, और समर्थ संस्थाओं के सहयोग से विशेष आवश्यकता होने पर चिकित्सालय में ग्वाल एवं चिकित्सक कक्ष का निर्माण करवाना।


3. जनजाति कल्याण हेतु गो आधारित विकास रचना के कार्यों को शासन के सहयोग से सम्पन्न करवाना।


दातादेवी फाउंडेशन के अन्य सहायक उद्देश्यः-
1. धेनु धाम फाउंडेशन के माध्यम से संचालित ३१ वर्षीय गो पर्यावरण और अध्यात्म चेतना पदयात्रा द्वारा देश भर में हो रहे गो महिमा प्रचार कार्यो में सहयोग करवाना।


2. शासन, समाज, धर्मात्मा श्रेष्ठीजन, और समर्थ संस्थाओं के सहयोग से विशेष अभाव ग्रस्त क्षेत्र में विशेष आवश्यकता होने पर दाना देवी फाउंडेशन के अनुमोदन पर गो आहार (घास) गोदाम का और चारा परोसने के लिये खेल, गामान (नाँद) निर्माण करवाना तथा चारागाह विकास हेतु सहयोग करना।


3. शासन, समाज, धर्मात्मा श्रेष्ठीजन, और समर्थ संस्थाओं के सहयोग से विशेष आवश्यकता होने पर धेनु दर्शन फाउंडेशन के अनुमोदन पर गो संवर्धन केंद्र का निर्माण करवाना।


4. शासन, समाज, धर्मात्मा श्रेष्ठीजन, और समर्थ संस्थाओं के सहयोग से अभाव ग्रस्त क्षेत्र में विशेष आवश्यकता होने पर धेन धारा फाउंडेशन के अनुमोदन पर जल की खेल (कुंडी) बनवाना।


5. दवा देवी फाउंडेशन के अनुमोदन पर गौ एंबुलेस उपलब्ध करवाने के लिए श्रीमंत संस्थाओं को प्रेरित करना। इस हेतु विधायक और सांसद निधि का उपयोग करने के लिए विधायक, सांसद को प्रेरित करना, दवा देवी फाउंडेशन के माध्यम से अभावग्रस्त गो चिकित्सालय में निःशुल्क दवा वितरण करवाना। 


6. ग्वाल शक्ति सेना (G.S.S) के माध्यम से गो चिकित्सालय के लिए शासन और समाज द्वारा भूमि आवंटन अथवा भूमि दान में आ रही समस्याओं का निराकरण करवाना।


7. दृष्टि देवी फाउंडेशन और समाज के सहयोग से गो-सेवा हित जन जागरण हेतु धार्मिक, चिकित्सीय साहित्य प्रकाशन और वितरण में सहयोग करना और गो चिकित्सालय की निगरानी के लिए कैमरे लगाने की व्यवस्था करना।


8. धेनु देवी फाउंडेशन के माध्यम से गौ चिकित्सालय में उचित वेतन पर श्रद्धावान चिकित्सक एंव बीमार गौमाता की सेवा के लिए उचित वेतन पर प्रशिक्षित श्रद्धावान ग्वाल की व्यवस्था करवाना गोआधारित शैक्षिक कार्यों के संचालन एंव परंपरागत गो चिकित्सा पद्धति विकसित करने मे सहयोग करना।


9. धेनु धरती फाउंडेशन के बेल और पंचगव्य आधारित ऋषि कृषि के कार्यों को कथा के माध्यम से प्रचारित करना।


10. धेनु धन फाउंडेशन द्वारा संचालित ऋषि कृषि और पंचगव्य उत्पाद वितरण और विनियोग हेतु गो-चिकित्सालयों में विक्रय केंद्र स्थापित करवाना।