Description:
भजन सुमिरनी पुस्तक के संदर्भ में गो हमारे जीवन का आधार है। सभी देवताओं की विश्रामस्थली है। सनातन धर्म का प्राण है, परन्तु भारत जैसे धर्म-परायण देश में भी भोगवादी संस्कृति का प्रभाव बढ़ने से हम गोमाताजी को भूलते जा रहे है। ऐसे समय में परम पूज्य गोभक्त ग्वाल संत श्री के द्वारा रचित और संपादित रचनाओं की यह भजन सुमिरनी निश्चित हमें भोगवाद से पुनः अध्यात्मवाद की तरफ ले जाएगी। इस दिव्य पुस्तक में भगवती गौमाता के सैकडों भजनों का संग्रह है, जो जन सामान्य के हृदय में भगवती गौ माता की सेवा, रक्षा का भाव भरने का कार्य करेंगे।