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गायमाता का गोबर सारे देवताओं का सार है*


सुसनेर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव द्वारा मध्य प्रदेश के निराश्रित गोवंश के संरक्षण हेतु सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में भारतीय नूतन संवत 2081 से घोषित "गोवंश रक्षा वर्ष" के तहत जनपद पंचायत सुसनेर की समीपस्थ ननोरा, श्यामपुरा, सेमली व सालरिया ग्राम पंचायत की सीमा पर मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित एवं श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित विश्व के प्रथम श्री कामधेनु गो अभयारण्य मालवा में चल रहें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 271 वें दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने बताया कि आज विष्णु दामोदर चितले का जन्म दिवस है, जो एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, राष्ट्रवादी थे और भारत में ब्रिटिश साम्राज्यवाद के कट्टर विरोधी थे। वे संस्कृत के विद्वान भी थे।

स्वामीजी ने गायमाता के गोबर की महिमा बताते हुए कहां कि गोबर से गोपाल तक जाया जा सकता है ,क्योंकि सारी कामनाएं गोबर से मिट जाती है बस केवल प्रभु को प्राप्त करने की कामना ही रखता है गायमाता का पवित्र गोबर और ग्वाल शक्ति सेना,दवा देवी फाउंडेशन,दाता देवी फाउंडेशन,दाना देवी फाइन्डेशन एवं दृष्टि देवी फाउंडेशन के जब एक एक करोड़ युवा देश में तैयार हो जाएंगे तो भारत ही नहीं संयुक्त राष्ट्र संघ भी एक दिन यह कहेगा कि गो हत्या करने वाले राष्ट्रों को अलग थलग डाल दिया जाएगा।
 स्वामीजी ने बताया कि सारे देवताओं का सार है गोमाता का पवित्र गोबर अर्थात सारे देवताओं की शक्ति गोमाता के पवित्र गोबर से प्राप्त की जा सकती है ,गोबर गोमाता एवं देवताओं की प्रत्येक्ष शक्ति से भी ज्यादा शक्तिशाली है क्योंकि गोबर में गो की शक्ति भी है और देवताओं की शक्ति भी इसलिए तो गायमाता का गोबर महाशक्तिशाली बन गया है और आने वाले वर्षों में तो जिस देश में ज्यादा गोबर होगा,वही देश उतनी बड़ी महाशक्ति कहलाएगा उसका प्रमुख कारण डायोंमिनियम फास्फोरस,नाइट्रोजन एवं केमिकल फर्टिलाइजर से इतना जहर बढ़ जाएगा कि लोग कमजोर हो जाएंगे और फिर लोगों के मन में इतना जहर बढ़ जाएगा कि रासायनिक हथियारों से युद्ध शुरू हो जाएगा और जिस देश में गोबर ज्यादा होगा वहां पर उन रासायनिक हथियारों की विकिरणों का प्रभाव कम पड़ जाएगा जिसका भोपाल गैस त्रासदी प्रत्यक्ष उदाहरण है कि जो घर गोबर से लिप रखे थे वहां कोई नुकसान नहीं हुआ उसी प्रकार राजस्थान के भरतपुर का लोहागढ़ किया जिसका परकोटा गोबर एवं मिट्टी से बना था उसपर मुगलों की तोपों एवं बारूद का कोई प्रभाव नहीं पड़ा जिससे यह साबित हो गया कि गोमाता के पवित्र गोबर में विकिरणों को अवशोषित करने की शक्ति है ।

*स्वामीजी ने सूचित किया कि एक वर्षीय वेद लक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 272 वें दिवस रविवार को मध्यप्रदेश के गोपालन एवं डेयरी विभाग मंत्री माननीय लखन पटेल गो अभयारण्य पधारेंगे*


*एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 271 वें दिवस पर उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले की रानीखेत तहसील से भुवन चन्द्र तिवारी जी,राहुल कलाल ओडवाडा ,सूरजमल नरवाली (बांसवाड़ा), गो रक्षा कमांडो फोर्स से बालचंद नाला मठ आश्रम बरखेड़ी(इकलेरा), दुले सिंह अमलियाखेड़ा,नेपाल सिंह राजगढ़, चित्रकूट से सन्त आशाराम जी बापू के साधक दिनेश भाई,गायत्री शक्तिपीठ शाजापुर से शैलेन्द्र श्रीवास्तव गायत्री शक्ति पीठ शाजापुर, प्रहलाद सिंह ,अनिल वर्मा,गोकुल पुष्पक एवं श्रीमती स्वरूप सोनी,श्याम सिंह नाहर गट्टा,भवानी राम मेघवाल सेवा निवृत अध्यापक,श्री ऋषभ कुमार जैन सुसने.ओम प्रकाश जैन सुसनेर
 एवं गरोठ से राजेन्द्र सिंह आदि अतिथि उपस्थित रहें*

*271 वे दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान से*

एक वर्षीय गोकृपा कथा के 271 वें दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के नरवाली ग्राम के श्री सूरजमल कलाल के परिवार से उनकी धर्मपत्नी सविता,पुत्र अंकुर,पुत्रवधु श्रीमती दुर्गा जी, पुत्री रजनी कलाल एवं दामाद राहुल ओडवाड़ा व झालावाड़ से भरत शर्मा,चेतना शर्मा, मनीषा शर्मा,सात्विक शर्मा के परिवार की और से सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।