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गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा सम्पूर्ण भारत की गोमाता को अपनी मानता हैं* - स्वामी गोपालानंद सरस्वती


सुसनेर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव द्वारा मध्य प्रदेश के निराश्रित गोवंश के संरक्षण हेतु सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में भारतीय नूतन संवत 2081 से घोषित "गोवंश रक्षा वर्ष" के तहत जनपद पंचायत सुसनेर की समीपस्थ ननोरा, श्यामपुरा, सेमली व सालरिया ग्राम पंचायत की सीमा पर मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित एवं श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित विश्व के प्रथम श्री कामधेनु गो अभयारण्य मालवा में चल रहें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 287 वें दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने बताया कि गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा का विचार कश्मीर से कन्याकुमारी ओर कांडला से लेकर कोहिमा तक अथवा भारत भूमि से बाहर जहां कहीं भी वेदलक्षणा गौमाता है उन सब गौमाता को हम अपनी मां मानकर के सब को कैसे सुख पहुंचा सके और उनको सुख पहुंचा कर विश्व को कैसे अध्यात्म, सात्विकता, मैत्री भाव, अहिंसकता, आनंद की ओर ला सके उसके लिए गौसेवा ही एक मात्र रास्ता नजर आता है।

गांव गांव गली गली नगर नगर निर व्यसनी गोवर्ती,गौमाता का हृदय से आदर करने वाले, कामना रहित गोप्रेमी एक एक भाई बहन जब तैयार हो जाए तब वह स्थिति आएगी जब कोई गौमाता राजमार्गो पर लघु मार्गो पर निराश्रित भ्रमण करती हुई नहीं दिखेगी, किसी भी वाहन से दुर्घटनाग्रस्त नहीं होगी, महामारी की अवस्था में सेवा रहित नहीं रहेगी, वृद्धा अवस्था में घर से निकाली नहीं जाएगी, दूध का लालच समाप्त हो जाएगा और प्रेम भाव प्रकट हो जाएगा इसमें हम सामर्थ अर्जित कर पाएं। इसी परिकल्पना को ध्यान में रखते हुए सैकड़ों भाई बहन संकल्पित होकर कार्य कर रहे है। यही समय है जब इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। 

*ग्वाल शक्ति सेना में 5 हजार पूर्ण गोव्रती कार्यकर्ताओं की श्रृंखला में महाराष्ट्र शंभाजी नगर कुड़ी तहसील कनड प्रभारी मलाव राव गोडसे एवं गुजरात के द्वारका जिला प्रभारी हार्दिक भाई की नियुक्ति की उद्घोषणा हुई*

*287 वे दिवस पर चुनरी यात्रा मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले से*
  
एक वर्षीय गोकृपा कथा के 287 वें दिवस पर चुनरी यात्रा मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले की सुसनेर तहसील के कंवराखेड़ी ग्रामवासी अपने सम्पूर्ण ग्राम की और से सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।