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शासन द्वारा घोषित गोवंश रक्षा वर्ष में भी गो तस्करों पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है,पुलिस प्रशासन* स्वामी गोपालानंद सरस्वती


सुसनेर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव द्वारा मध्य प्रदेश के निराश्रित गोवंश के संरक्षण हेतु सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में भारतीय नूतन संवत 2081 से घोषित "गोवंश रक्षा वर्ष" के तहत जनपद पंचायत सुसनेर की समीपस्थ ननोरा, श्यामपुरा, सेमली व सालरिया ग्राम पंचायत की सीमा पर मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित एवं श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित विश्व के प्रथम श्री कामधेनु गो अभयारण्य मालवा में चल रहें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 318 वें दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज जी ने पुनः दुःख प्रगट करते हुए बताया मध्यप्रदेश में यदुवंशी मुख्यमंत्री होते हुए भी जहां का पुलिस प्रशासन गौतस्करों पर अंकुश लगाने में नाकाम हो रहन है,अर्थात एक ओर तो प्रदेश के मुखिया गोरक्षा के लिए *

"गो वंश रक्षा वर्ष" मना रहें है , वहीं जिस जिले में मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित विश्व का प्रथम प्रथम गो अभयारण्य है ,वह जिले में भी पुलिस प्रशासन गो तस्करी पर अंकुश नहीं लगा पाया है और तस्कर निर्विघ्न होकर नित्य गो तस्करी को अंजाम दे रहें है और गौसेवक अपनी जान जोखिम में डालकर तस्करों से गोवंश को बचा रहें है लेकिन गो तस्करों पर पुलिस का आज तक कोई भय नहीं है और फिर विगत रात्रि को गौसेवक धर्मेन्द्र सिह राजपूत उमरिया देवड़ा आगर ,टीकमसिह राजपूत उमरिया देवड़ा आगर, आकाश जीरापुर, गोविन्द जीरापुर, धर्मेन्द्र शर्मा शाजापुर आदी कार्यकर्ता की टीम ने पूरी रात्रि गो तस्करों का पिछा करते हुए 07 नर गोवंश को बचाया ।
 गौरतलब है कि विगत रात्रि को गोलु लाला की स्विफ्ट पेट्रोलिंग करते हुए चल रही रही थी और उसके पीछे पीछे गोवंश से भारी बोलोरो पिकअप राजगढ़ जिले से राजगढ़ होते हुए ब्यावरा पचोर सारंगपुर शाजापुर से होते हुए दुपाडा के रास्ते कानड थाना क्षेत्र के चाचाखेडी गाँव तक रात्रि को 250 कि, मी, पिछा करके 7 नन्दी को सुरक्षित बचाया, पिकप मे सभी सातों नन्दीयो के हाथ मुँह पेर बाँधकर क्रूरता पूर्वक पिकअप वाहन में ठूस ठूस कर भर रखा था जिन्हें कानड़ थाने के माध्यम से शिवगढ़ गोशाला कानड़ में सम्मानजनक रूप से भिजवाया ।
महाराज जी ने बताया कि गोमाता की रक्षा को लेकर भी हमें इस बिन्दु पर विचार करना होगा कि आखिरकार क्या कारण है कि गाय गौय कटने को जा रही है,उस कारण पर हमें प्रहार करना होगा क्योंकि कसाई अनेक रूपों में घूम रहें है,उनको ढूंढपाना बड़ा कठिन है , एक एक कसाई को कहां कहां ढूंढेंगे, कसाई मात्र वध शाला चलाने वाले होते तो उन्हें ढूंढपाना सरल होता लेकिन कही पुलिस की वर्दी में कही जज के रूप में तो कही वकील के रूप में तो कही गो रक्षकों के रूप में हमारे ही बीच फिर रहें है,उनको हम कैसे ढूंढेंगे, इसलिए हम लोगों को मंथन करना होगा, विचार करना पड़ेगा कि जड़ क्या है और यह विचार करने के लिए के लिए विश्व के इस गो अभयारण्य में मार्च माह में वास्तविक गो रक्षकों का विशाल सम्मेलन करके कसाईयों की मूल जड़ तक जाना होगा।


 



*स्वामीजी ने बताया कि आगामी 22 फरवरी से 27 फरवरी 2025 तक विश्व के इस प्रथम गो अभयारण्य में गोष्ठाधिपति भगवान गोपालेश्वर महादेव के मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में महाशिवरात्रि के पुण्य पर्व पर विशाल मेले का आयोजन होगा जिसमें शिव परिवार प्राण प्रतिष्ठा,श्री राधा कृष्ण विवाह एवं आगर के लोकप्रिय विधायक माधव सिंह मधु गहलोत एवं इंदौर के गोभक्त के सहयोग से दो गरीब कन्याओं का शुभ विवाह, श्री शिव कथा,गो कृपा कथा व अग्नि नृत्य जैसे विशाल आयोजन होंगे*




*318 वें दिवस पर जितेंद्र सिंह,गजराज सिंह,कमल सिंह ठिकाना छीगरी उज्जैन अतिथि उपस्थित रहें* 
 
*318 वे दिवस पर चुनरी राजस्थान,महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश से*

एक वर्षीय गोकृपा कथा के 318 वें दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के देशनोक में विराजित भगवती करणीमाता जी के दरबार से गोपालदान चारण एवं जगदीश चारण एवं अजीत जी शर्मा,महाराष्ट्र के पुणे से श्री जगदीश शर्मा ,श्रीमती सुशीला जी शर्मा एवं पुत्रि प्रीति शर्मा व रतलाम जिले की जावरा तहसील के ढोढर ग्राम से बद्री लाल माली, कान्हा माली ,प्रकाश माली एवं उज्जैन से अरूण अग्रवाल ने अपने परिवार की और से सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।