स्वस्थ समाज के लिए श्रम आवश्यक है*- स्वामी गोपालानंद सरस्वती
सुसनेर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव द्वारा मध्य प्रदेश के निराश्रित गोवंश के संरक्षण हेतु सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में भारतीय नूतन संवत 2081 से घोषित "गोवंश रक्षा वर्ष" के तहत जनपद पंचायत सुसनेर की समीपस्थ ननोरा, श्यामपुरा, सेमली व सालरिया ग्राम पंचायत की सीमा पर मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित एवं श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित विश्व के प्रथम श्री कामधेनु गो अभयारण्य मालवा में चल रहें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 345 वें दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज ने बताया कि आज हिम्मत एवं धैर्य दिवस है अर्थात 80 वर्ष की एक भारतीय नारी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स जो केवल आठ दिनों के लिए अंतरिक्ष में गई थी लेकिन उनके यान में खराबी आने के कारण उन्हें नो महीने बाद आज प्रातः सवा तीन बजे पुनः भारत पर मुस्कुराते हुए वापस धरती पर लौट आई है अर्थात आज सीख लेने का दिन है कि भारत के गुजरात में जन्मी सुनीता विलियम्स ने विशेष कार्य किया यानि 286 दिन धरती से 400 कि.मी दूर वह भी हर 90 -90 मिनट के दिन रात के चक्र में बिना हिम्मत हारे संघर्ष करके ड्रैगन कैप्सूल के ज़रिए पृथ्वी पर लौट आई हैं ,इन सबके पीछे चार कारण रहें जिसमें से पहला गोप्रेमी परिवार में जन्म लेना,दूसरा अपने साथ गीताजी को रखना,तीसरा अपने साथ धैर्य की प्रतिमूर्ति गणेश जी की प्रतिमा रखना और चौथा कारण भारतीय विज्ञान को स्वीकार करना अर्थात जिन्हें जीवन में कुछ तो गोमाता का आश्रय लेकर जीवन में गीता जी को उतार लीजिए और भगवान गणेश जी को याद करते हुए योग साधना कीजिए क्योंकि योग एवं प्राणायाम में इतनी शक्ति होती है कि दुर्बल से दुर्बल व्यक्ति को भी बलशाली बना देता है और इन चारों सूत्रों के प्रभाव से ही मुस्कराते हुए सुनीता विलियम्स ने सफलता प्राप्त मिली और इससे हमें सीख मिली कि धैर्य छोड़ना नहीं ,गो की सेवा छोड़नी नहीं,गीताजी का आश्रय त्यागना नहीं और गणपति जी यानि सनातन संस्कृति से जुड़े रहना और श्रम करते रहना क्योंकि शरीर को स्वस्थ रखना है,तो श्रमबिन्दु से अच्छी औषधि नहीं है,श्रम बिन्दु यानि पसीना बहाने की कलां होनी चाहिए अर्थात जितना संघर्ष होगा,उतना निखार आएगा, हर संघर्ष कुछ न कुछ सीखता है और अपना जीवन ही सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है,इससे हम जो सीख सकते है,वह कही और कही नहीं सीख सकते ।
*गोपाल परिवार संघ से गोवत्स धीरेन्द्र गोपाल ने गो रक्षा से ही राष्ट रक्षा संभव है सनातन धर्म का मूल प्राण गो माता है बिना गो के ना धर्म बचेगा ना राष्ट बचेगा आज विडम्बना है इस देश की कि गो माता की सेवा के लिए स्वयं भगवान श्री कृष्ण आए और गो माता को ग्वाल बनके चराया भगवान राम तो स्वयं गो रक्षा गो सेवा के लिए ही अवतरित हुए उसी धर्म धरा पर नित्य प्रतिदिन हजारों गो माता की हत्या हो रही है और आज का हिन्दू समाज सोया हुआ है आज हिंदुओं का आदर्श भगत सिंह सुखदेव नहीं अपितु हनि सिंह बना हुआ है हमारी माताओं बहनों की आदर्श छत्रपति शिवाजी महाराज की मम्मी नहीं अपितु तैमूर और जहांगीर पैदा करने वाली करीना खान बन चुकी है उसी का परिणाम है कि आज के युवा को ना धर्म की चिंता है ना संस्कृति की चिंता है ओर ना ही धर्म का मूल प्राण गो माता की चिंता है आज इस आजाद देश में एक दिन की 82 हज़ार गो माता कट रही है 6 करोड़ गो माता सड़कों पर निराशित भ्रमण कर रही है रोड एक्सीडेंट में दुर्घटना ग्रस्त हो रही हैं भूखी प्यासी दर दर भटक रही है पर आज का खुद को हिन्दू कहने वाला समाज कुंभकर्ण की निंद सोया हुआ है अतः युवाओं से आग्रह है कि गो माता की रक्षा में गो माता की सेवा में लगे तभी आप हिन्दू कहलाने के वास्तविक अधिकारी हैं सत्य तो यह है कि गो बचेगी तो ही राष्ट बचेगा गो बचेगी तो ही धर्म बचेगा ओर गो बचेगी तो ही हिन्दू बचेगा ओर गो बचेगी तो ही हिंदुस्तान बचेगा।
*345 वें दिवस पर मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम से गो अभयारण्य के ट्रैक्टर के दानदाता श्री ओम प्रकाश तिवारी उनके माताश्री श्रीमती कमला देवी तिवारी, मित्र कमलेश शर्मा एवं चालक अजय यादव, उत्तराखंड के देहरादून से राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल प्रदीप दिनेश एवं श्रीमती सीमा अग्रवाल, राजस्थान के अलवर से श्रीमती संतोष गुप्ता, सुरेश चन्द गुप्ता,विमल चन्द गुप्ता एवं मोहित गुप्ता,मध्यप्रदेश के छापीहेडा से दिनेश ,गौरव गुप्ता एवं सरस्वती एवं रेखा देवी गुप्ता आदि अतिथि उपस्थित रहें*
*345 वे दिवस पर चुनरी यात्रा मध्यप्रदेश,राजस्थान से*
एक वर्षीय गोकृपा कथा के 345 वें दिवस पर चुनरी यात्रा मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम से श्रीमती कमला देवी तिवारी, पुत्र ओम प्रकाश तिवारी एवं मित्र कमलेश शर्मा व चालक अजय यादव राजगढ़ जिले के छापीहेड़ा से दिनेश गुप्ता के परिवार राजस्थान के अलवर से सुरेश चन्द गुप्ता के परिवार,भीलवाड़ा के राजेंद्र सिंह के परिवार एवं बूंदी जिले के गोपाल गो संघ से गोभक्त गोपाल मीणा के परिवार की और से सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।