गोमाता का गोबर खतरनाक विकिरणों के दुष्प्रभाव को रोकता है* -
सुसनेर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव द्वारा मध्य प्रदेश के निराश्रित गोवंश के संरक्षण हेतु सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में भारतीय नूतन संवत 2081 से घोषित "गोवंश रक्षा वर्ष" के तहत जनपद पंचायत सुसनेर की समीपस्थ ननोरा, श्यामपुरा, सेमली व सालरिया ग्राम पंचायत की सीमा पर मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित एवं श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित विश्व के प्रथम श्री कामधेनु गो अभयारण्य मालवा में चल रहें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 284 वें दिवस पर स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने बताया कि अधिकांश लोगों के जीवन में रजोगुण व्याप्त है जिससे आपाधापी बढ़ती जो दुर्घटनाओं का मूल कारण है। जितने भी एक्सीडेंट होते है वह रजोगुण में वृद्धि होने के प्रभाव है। हर आदमी को जल्दी है, जल्दी क्यों है क्यों कि रजोगुण है। यह हमेशा मन का घाव देता है या तन का घाव देता है।
गौमाता के गोबर और मिट्टी से बने घर में न गर्मी में गर्मी लगती ओर न सर्दी में ठंड लगती है। कच्चे घरों में जहरीले प्रभाव कम हो जाते है। यह पूर्णतः इको फ्रेंडली होते है।
जितनी भी विकिरणें है चाहे वह मोबाइल का रेडिएशन है, रेडियो एक्टिव पदार्थ का विकिरण है या एक्स रे का विकिरण हो। सभी के दुष्परिणामों को गोबर कम कर देता है। शासन को चाहिए कि X ray room में गौमाता के गोबर से बनी ईंटों का उपयोग करें ताकि जो डॉक्टर x ray करे उसे ओर जिसका x ray हो रहा है उस मरीज को भी कोई हानि नहीं पहुंचे।
*भारत विकास परिषद् आगर के अध्यक्ष कैलाश माहेश्वरी ने गोमाता को ठंड से बचाव करने के लिए गो अभयारण्य में 200 कम्बल भेजें*
*ग्वाल शक्ति सेना में 5 हजार पूर्ण गोव्रती कार्यकर्ताओं की श्रृंखला में चित्तौड़गढ़ जिले की बड़ीसादड़ी तहसील से साग़रिया घनश्याम मेनारिया,आलोद से उमेश कुमार मेनारिया पंचायत प्रभारी, पिपलिया गांव के प्रभारी वीरेंद्र कुमार झाला,झालावाड़ के ओसावा प्रभारी रामगोपाल पाटीदार की नियुक्ति की उद्घोषणा हुई*
*284 वे दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के झालावाड़ जिले से*
एक वर्षीय गोकृपा कथा के 284 वें दिवस पर चुनरी यात्रा राजस्थान के झालावाड़ जिले की पिड़ावा तहसील के ओसावा ओसावा से रामचंद्र , प्रेमनारायण , रामकरण , मोहन लाल, रामचंद्र के साथ ग्राम की मातृशक्ति एवं युवाओं ने अपने ग्राम की और से सम्पूर्ण विश्व के जन कल्याण के लिए गाजे बाजे के साथ भगवती गोमाता के लिए चुनरी लेकर पधारे और कथा मंच पर विराजित भगवती गोमाता को चुनरी ओढ़ाई एवं गोमाता का पूजन कर स्वामी गोपालानंद सरस्वती महाराज से आशीर्वाद लिया और अंत में सभी ने गो पूजन करके यज्ञशाला की परिक्रमा एवं गोष्ठ में गोसेवा करके सभी ने गोव्रती महाप्रसाद ग्रहण किया।