सुसनेर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव द्वारा मध्य प्रदेश के निराश्रित गोवंश के संरक्षण हेतु सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में भारतीय नूतन संवत 2081 से घोषित "गोवंश रक्षा वर्ष" के तहत जनपद पंचायत सुसनेर की समीपस्थ ननोरा, श्यामपुरा, सेमली व सालरिया ग्राम पंचायत की सीमा पर मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित एवं श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित विश्व के प्रथम श्री कामधेनु गो अभयारण्य मालवा में चल रहें एक वर्षीय वेदलक्षणा गो आराधना महामहोत्सव के 328 वें दिवस पर स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती जी ने बताया कि कुछ पल दुर्लभ होते है जो जीवन बनाने के लिए होते है। वह पल आत्मसात कर ले तो हमारा मनुष्य जीवन सफल हो जाता है। यह मनुष्य शरीर प्राप्त हुआ है, जो चीज प्राप्त होती है उसे अपना नहीं माना जाता है। यह मिला हुआ है इस मिले हुवे शरीर का हम सदुपयोग कर ले। कुछ समय के लिए ही यह मिला है। हमारी आत्मा, हमारा जीव सदा से है और रहेंगे लेकिन यह जो जीवन मिला है इसका पूरा लाभ लेना चाहिए। इस शरीर का सदुपयोग करे दुरुपयोग नहीं। थोड़ा कन्वर्ट करना है। मॉर्निंग वॉक को मंदिर जाने में बदल दीजिए, जॉगिंग को गौशाला जाने में बदले, जिम जाने वाले गौशाला में जाकर गोबर उठाएं,चारे की गांठ उठाएं। पसीना ही बहाना है तो गौशाला में जाकर मेहनत करें। जिस समय को पार्टियों में व्यर्थ करते है उस समय को सत्संग में लगाएं। जिस धन का तथाकथित प्रसन्नता के खर्च करते है उसे वास्तविक प्रसन्नता के लिए सेवा में लगाएं। सामर्थ्य, शरीर, संपति और संतति यह सब कुछ सेवा के लिए ही प्राप्त हुवे है। ओर जब इसे सेवा में लगाएंगे तो ही वास्तविक सुख मिलेगा।